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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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विवाह विज्ञान-कामशास्त्र २३१


बहुत सी खराबियों के सिवाय यह एक बहुत बडी खराबी
है कि मनुष्य स्त्री संभोग के योग्य नही रहता और किसी किसी
को चैतन्यता भी नहीं होती अथवा हुई भी तो अपूर्ण होती है,
या होकर शीघ्रही मिट जाती है । चैतन्यता होते ही या स्त्री के
आलिंगनादि करने मे ही या केवल मानसिक विचारों के उत्पन्न
होते ही धातु निकलनी प्रारम्भ हो जाती है ।

क्षयरोग (तपेदिक) के एक हजार रोगियो में प्राय अधिक
हिस्सा रोग का कारण बहुमैथुन ही है उससे कुछ कम हस्तक्रिया
वाले और कुछ रोगियों का स्वप्नदोष व शुक्र पतन है, अन्य और
कारणों से रोगी होते हैं । पागलो में अधिक हिस्सा केवल हस्त-
क्रिया करने वालो का समझो । यह अनुसन्धान से डाक्टरो ने
पता लगाया है ।

मेरे पास भी जितनी स्त्रियां आती हैं और अपने पतियों के
रोग का हाल कहती हैं तो उनसे यही अनुभव होता है कि स्त्री
पुरुषो के रोगों का विशेष कारण बहुधा हस्तक्रिया, बहुमैथुन,
तथा अन्य प्रकार से वीर्यनाश गरमी सुजाक आदि ही है ।

क्षयरोग का विशेष कारण

२५ पच्चीस वर्षों मे मेरे पास जितनी क्षय रोग से ग्रसित
स्त्रियां आईं सबको देखने और उनकी जेवानी रोग की उत्पत्ति
का कारण सुनने से अधिक विषय ही निश्चय हुआ क्योकि ज्वर
की हरारत और खांसी आदि हर समय रहने पर भी मूर्ख पुरुष