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सर्वकोश
वात्स्यायन कामसूत्र (सान्वय सम्पूर्ण हिन्दी अनुवाद एवं सविस्तार व्याख्या - पं. रामानन्द शर्मा)

वात्स्यायन कामसूत्र (सान्वय सम्पूर्ण हिन्दी अनुवाद एवं सविस्तार व्याख्या - पं. रामानन्द शर्मा)

Vatsyayana Kamasutra with Complete Hindi Commentary by Ramanand Sharma

महर्षि वात्स्यायन (टीकाकार: पं. रामानन्द शर्मा) द्वारा

DevanagariHindipublished248 पृष्ठ

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पृष्ठ 39

१. साधारण अधिकरण १३
वैजयिकीनाम् व्यायामिकीनां च विद्यानां ज्ञानम्, इति चतुःषष्टिरङ्गविद्याः ।
कामसूत्रस्यावयविन्यः ॥ १५॥
कामशास्त्र की उपायभूत चौंसठ कलाएँ—इनमें भी काम की उपायभूत चौंसठ
कलाओं को गिनाते हैं—
१. गीतम्—गायन (सुगम सङ्गीत),
२. वाद्यम्—विभिन्न वाद्यों का बजाना,
३. नृत्यम्—विभिन्न प्रकार के नृत्य,
४. आलेख्यम्—चित्रकला (विभिन्न प्रकार के चित्र बनाना),
५. विशेषकच्छेद्यम्—बिन्दी तथा कटाव की तस्वीर बनाना,
६. तण्डुलकुसुमवलिविकाराः—रंगीन चावल और फूलों से अल्पना बनाना या चौक पूरना,
७. पुष्पास्तरणम्—पुष्पों की शैय्या बनाना,
८. दशनवसनाङ्गरागः—दाँत, वस्त्र और शरीर को रँगकर भव्य बनाना,
९. मणिभूमिकामर्म—मणियों का फर्श तैयार करना,
१०. शयनरचनम्—सुन्दर शैय्या-रचना,
११. उदकवाद्यम्—जल को वाद्य की तरह बजाना, जैसे जलतरंग,
१२. उदकघातम्—जलक्रीड़ा में कलात्मक जलप्रहार या पिचकारी मारना,
१३. चित्रयोगाः—विभिन्न औपनिषदिक योगों (मन्त्रों, तन्त्रों एवं औषधियों) के प्रयोगों का
ज्ञान,
१४. माल्यग्रथनविकल्पाः—विभिन्न प्रकार की मालाएँ बनाना,
१५. शेखरकापीडयोजनम्—शिरोभूषण—शेखरक, आपीड आदि का धारण करना,
१६. नेपथ्यप्रयोगाः—वस्त्राभरणसज्जा,
१७. कर्णपत्रभङ्गः—कर्णाभरण बनाना,
१८. गन्धयुक्तिः—कई द्रव्यों को मिलाकर सुगन्ध तैयार करना,
१९. भूषणयोजनम्—समुचित रीति से भूषणविन्यास करना,
२०. ऐन्द्रजालः—जादू के खेल दिखाना,
२१. कौचुमारयोगाः—औपनिषदिक में वर्णित सौन्दर्यवृद्धि आदि के प्रयोग,
२२. हस्तलाघवम्—हाथ की सफाई (फुरती),
२३. विचित्रशाकयूषभक्ष्यविकारक्रिया—विभिन्न प्रकार के शाक, तरकारी तथा भक्ष्य तैयार
करना,
२४. पानकरसरागासवयोजनम्—विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थ, राग और आसव तैयार करना,
२५. सूची-वानकर्माणि—सीना, पिरोना, जाली बुनना,
२६. सूत्रक्रीड़ा—धागे से पशु-पक्षियों के चित्र बनाना,
२७. वीणाडमरुकवाद्यानि—वीणा आदि वाद्यों को बजाना,
२८. प्रहेलिका—पहेलियाँ समझना और कहना,
२९. प्रतिमाला—अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता की क्षमता,