त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंत्रिशतिका 45
बीजगणितीय समीकरण के अनुसार-
1/3 + 1/5 + 1/6 + 1/10 = 24/30 = 4/5
⇒ 4/5x + 6 = x
⇒ 4x + 30 = 5x
⇒ 5x - 4x = 30
x = 30
जाँचें
30 × 1/3 = 10 धरती पर गिरे
30 × 1/5 = 6 बिस्तर पर गिरे
30 × 1/6 = 5 कामिनी को प्राप्त हुए
30 × 1/10 = 3 प्रिय ने उठाए
शेष = 6
= 30 कुल मोती
अन्यदुदाहरणम्
यूथार्धं सत्रिभागं गिरिशिखरगतं कुञ्जराणां च दृष्टं।
षट् भागश्चैव नद्यां पिबति च सलिलं सप्तभागेन युक्तः॥
पद्मिन्यामष्टभागः स्वनवकसहितः क्रीडते जातरागो।
नागेन्द्रो हस्तिनीभिस्तिसृभिरनुगतः का भवेद्यूथसंख्या१॥ २७॥
न्यासः 1/2 1/6 1/8 दृश्यम् 4, लब्धं यूथसंख्या 1008
1/3 1/7 1/9
सुक्षेमा अनुवाद-किसी जंगल में हाथियों का बहुत बड़ा झुण्ड देखा गया।
उस झुण्ड का 1/2 अपने 1/3 से युक्त होकर अर्थात् 1/2 का तृतीयांश उसी 1/2 से जुड़कर
जंगल की खोह में चला गया। झुण्ड का 1/6 अपने 1/7 से युक्त होकर नदी में पानी
पीने चला गया। उसी झुण्ड का 1/8 अपने 1/9 से युक्त होकर कमलिनीवन में चला
गया। शेष 3 हथिनियों के बीच 1 गजेन्द्र प्रेमक्रीडा करता हुआ देखा गया। हाथियों
की कुल संख्या बताओ।
१. तुल. ग.ति.पृ. 42