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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 74, कुल 208 में से

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पृष्ठ 74

46 त्रिशतिका
अनुशीलन-इस प्रश्न में प्रत्येक भिन्न संख्याओं के साथ उसी संख्या का
कोई अंश भी सम्मिलित हैं। अतः यहाँ श्लोक 24 में कही गई भागानुबन्ध विधि
के पश्चात् पूर्वोक्त संक्रिया की जावेगी।
इस प्रकार भागानुबन्ध विधि से जोड़
{1 (3+1)} / (2×3) + {1 (7+1)} / (6×7) + {1 (9+1)} / (8×9) = 251 / 252
अथवा
½ + (½ × ⅓) + ⅙ + (⅙ × ⅐) + ⅛ + (⅛ × ⅑)
⇒ ½ + ⅙ + ⅙ + ¹/₄₂ + ⅛ + ¹/₇₂ = ⁵⁰²/₅₀₄ = ²⁵¹/₂₅₂
कल्पित राशि 1 से घटाएँ ⇒ 1- ²⁵¹/₂₅₂ = ¹/₂₅₂
शेष से दृश्य का भाग ⇒ 4 ÷ ¹/₂₅₂ = 4×252 = 1008 अभिमत राशि
बीजगणितीय समीकरण के अनुसार-
{ ½ (1+ ⅓) + ⅙ (1 + ⅐) + ⅛ (1 + ⅑)} x + 4 = x
⇒ { ½ × ⁴/₃ + ⅙ × ⁸/₇ + ⅛ × ¹⁰/₉ } x + 4 = x
⇒ ²⁵¹/₂₅₂ x + 4 = x,
⇒ 251 x + 1008 = 252x
⇒ 252 x - 251 x = 1008
⇒ x = 1008
जाँचें-
1008 × ⅔ = 672 जंगल की खोह में चले गए
1008 × ⁴/₂₁ = 192 नदी में पानी पीने गए
1008 × ⁵/₃₆ = 140 कमलिनीवन में चले गए
शेष = 4
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1008 कुल हाथियों की संख्या
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अन्यदुदाहरणम्
षड्भागः पाटलासु भ्रमति गणयुतः स्वत्रिभागः कदम्बे।
पादश्चूतद्रुमे च प्रदलितकुसुमे चम्पके पञ्चमांशः।