त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
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न्यासः।। 6 9
2 1 लब्धं पिप्पलीपलद्वयम्
6 0
सुक्षेमा अनुवाद-6 पण से सोंठ के 2 पल तथा 9 पण से पीपल के 1 पल
प्राप्त होते हैं तो 6 पल सोंठ से कितनी पीपल प्राप्त होगी।
अनुशीलन-यहाँ 6, 2, 6 प्रमाण-पक्ष है तथा 9, 1 इच्छा पक्ष है। इसका
स्थान-परिवर्तन करके इस प्रकार लिखते हैं-
(6×1×6) / (9×2) = 36/18 = 2 पल
इस प्रश्न के लिये पहले 1 पण के सापेक्ष दोनों वस्तुओं का समानुपाती
परिमाण स्थापित करते हैं। पुनः इस समानुपाती परिमाण के एक संगत मान के
आधार पर अन्य संगत मान ज्ञात करते हैं। जैसे-
1 पण के सापेक्ष समानुपाती परिमाण-
(I) 6 पण से सोंठ के 2 पल
तो 1 पण से सोंठ के 2/6 पल
अतः समानुपात ⇒ 6 : 2 : : 1 : 2/6
(II) 9 पण से पीपल के 1 पल
तो 1 पण से पीपल के 1/9 पल
अतः समानुपात ⇒ 9 : 1 : : 1 : 1/9
इस प्रकार 1 पण के सापेक्ष 2/6 पल सोंठ तथा 1/9 पल पीपल समानुपाती हैं।
2/6 का संगत मान 6 दिया हुआ है। अतः यह तालिका प्राप्त होती है-
2/6 1/9
6 x अथवा 2/6 : 6 : : 1/9 : x
अतः 2/6 x = 1/9 × 6
⇒ x = 1/9 × 6/1 × 6/2 = 36/18 = 2
इस प्रकार हमने उपरिलिखित विधि प्राप्त कर ली है।
अन्यदुदाहरणम्
पणाभ्यां षोडशाम्राणि कपित्थानां शतं त्रिभिः।
षड्भिरान्रैः कपित्थानि लभ्यन्ते कति कथ्यताम्।। ५५।।