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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 105, कुल 208 में से

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पृष्ठ 105

त्रिशतिका 77
न्यासः 2 3
16 100 लब्धं कपित्थानि 25
6 0
इति भाण्डप्रतिभाण्डकम्
सुक्षेमा अनुवाद-2 पण से 16 आम तथा 3 पण से 100 कैथा प्राप्त होते
हैं तो 6 आम के बदले में कितने कैथा प्राप्त होंगे।
अनुशीलन-यहाँ 2, 16, 6 प्रमाण-पक्ष तथा 3, 100 इच्छा पक्ष है। यहाँ भी
पूर्ववत् स्थान-परिवर्तन करके-
(2×100×6)/(3×16) = 1200/48 = 25 कैथा
यहाँ भी पहले 1 पण के सापेक्ष वस्तु-संख्या प्राप्त करते हैं-
(I) 2 पण से 16 आम
1 पण से 16/2 आम
(II) 3 पण से 100 कैथा
1 पण से 100/3 कैथा
अब प्रश्न का आकार यह होता है-
'यदि 1 पण से 16/2 आम तथा 1 पण से 100/3 कैथा हैं तो 6 आम के बदले
में कितने कैथा प्राप्त होंगे।
इससे यह तालिका प्राप्त करते हैं-
16/2 100/3
6 x अथवा 16/2 : 6 : : 100/3 : x
अतः 16/2 x = 100/3 × 6/1
x = (100×6×2)/(3×1×16) = 1200/48 = 25
इस प्रकार हमने उपरिलिखित विधि प्राप्त कर ली है।
जीवस्य विक्रयः स्यात् स एव परिवर्तिते वयसि¹॥ ३२॥
१. तुल. पाटी-गणित सू. 46, ग.ति.पृ. 81, सि.शे. 13.16, ग.कौ. 1.53