तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
पृष्ठ 92, कुल 177 में से
संदर्भ में पढ़ेंअध्याय - ५
सोऽनन्तसमयः ॥४०॥
[ सः ] वह काल द्रव्य [ अनन्त समयः ] अनन्त समय वाला
है। काल की पर्याय यह समय है। यद्यपि वर्तमानकाल एक
समयमात्र ही है तथापि भूत-भविष्य की अपेक्षा से उसके
अनन्त समय हैं।
It (conventional time) consists of infinite instants.
द्रव्याश्रया निर्गुणा गुणाः ॥४१॥
[ द्रव्याश्रया ] जो द्रव्य के आश्रय से हों और [ निर्गुणा ]
स्वयं दूसरे गुणों से रहित हों [ गुणाः ] वे गुण हैं।
Those, which have substance as their substratum
and which are not themselves the substratum of
other attributes, are qualities.
तद्भावः परिणामः ॥४२॥
[ तद्भावः ] जो द्रव्य का स्वभाव (निजभाव, निजतत्त्व) है
[ परिणामः ] सो परिणाम है।
The condition (change) of a substance is a mode.
॥ इति तत्त्वार्थाधिगमे मोक्षशास्त्रे पञ्चमोऽध्यायः ॥
✱ ✱ ✱
79