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सर्वकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

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पृष्ठ 35

अध्याय - २
द्विविधानि ॥१६॥
सब इन्द्रियाँ [ द्विविधानि ] द्रव्येन्द्रिय और भावेन्द्रिय के भेद
से दो प्रकार की हैं।
(The senses are of) two kinds.
निर्वृत्त्युपकरणे द्रव्येन्द्रियम् ॥१७॥
[ निर्वृत्ति उपकरणे ] निवृत्ति और उपकरण को
[ द्रव्येन्द्रियम् ] द्रव्येन्द्रिय कहते हैं।
The physical sense consists of accomplishment (of
the organ itself) and means or instruments – (its
protecting environment).
लब्ध्युपयोगौ भावेन्द्रियम् ॥१८॥
[ लब्धि उपयोगौ ] लब्धि और उपयोग को [ भावेन्द्रियम् ]
भावेन्द्रिय कहते हैं।
The psychic sense consists of attainment and
consciousness.
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