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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 96, कुल 174 में से

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पृष्ठ 96

दलादलि और बङ्गालका भविष्य
आपका भेजा हुआ विद्यालय और समितिका con-
stitution मिला।
स्वास्थ्य विभागका काम ठीक नहीं हो रहा है, यह
बड़े दुःखकी बात है, इसका कारण यह है कि जनसाधा-
रणको ठीक तरहसे आकर्षित नहीं किया जा सका। ठीक
ढङ्गसे पुकारनेपर जनता बिना प्रत्युत्तर दिये नहीं रह
सकती। स्वास्थ्य विभागके उद्देश्यसे दातव्य चिकित्सा-
लयका उद्देश्य बिलकुल भिन्न है। जनतामें यदि कर्म-
प्रेरणाको जाग्रत करना है तो प्रेम द्वारा उन्हें अपना
बनाना होगा।
संभवत, आप नहीं जानते कि दक्षिण कलकत्ता सेवा-
श्रमकी त्रुटिके लिये मैं जिम्मेदार हूं। बाहर रहनेके कारण
मैं इसे ठीक organise नहीं कर सका। फिर एकाएक
गिरफ्तार कर लिया। जिस समय सेवाश्रम कालीघाटमें
था, उस समय मकान भाड़ा और सहकारी मंत्रीका वेतन
मैं खुद देता था। सिर्फ बालकोंके भोजनादिका खर्च सर्व
साधारणके दानके भरोसे चलता था। सेवाश्रमके संबंध-
में मेरा clear conscience है, क्योकि जनताके दिये हुए
द्रव्यमेंसे मैंने एक पाईका भी असद्व्यवहार नहीं किया।
मेरी गिरफ्तारीके बाद भी जो मैं देता था उसे मेरे बड़े
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