तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
बहुत दिन हुए मुझे उसका एक पत्र मिला था। दुःख है
कि उत्तर न दे सका। आज कुलदाको पत्र लिखा है,
आशा है आगामी सप्ताह अमृतको पत्र लिखूँगा।
कहना न होगा कि मैं रहता तो आपलोगोंको अलग
न होने देता, हां भिन्न शाखा स्थापित करनेका प्रस्ताव
मैं अवश्य करता, खैर जो हुआ सो हुआ। आपलोगोंने
Constitution बनाके अच्छा ही किया।
आशा है चावल, चन्दा संग्रहके सम्बन्धमें बालक
समितिके साथ आपका तनाव न होगा। एक ही स्थानमें
यदि अनेक समितियां चावल, चन्दा लेना आरंभ करदें
तो गृहस्थ ऊब उठते हैं, यह बात ध्यान रखना चाहिये।
मेरा ख्याल है कि यदि आप दो एक कार्यकर्ताओंको
कासिमबाजार पोलिटेकनिकमें भेज कर कुछ सिखला ले
सकें तो technical शिक्षाकी विशेष सुविधा होगी।
मैं एक बार कासिमबाजार स्कूल गया था, स्कूल मुझे
बहुत पसन्द आया, वे कई ऐसी नयी चीजें सिखलाते हैं
जो अन्य स्कूलोंमे नही सिखलायी जातीं, जैसे बेतका
काम, clay modelling, सिलाई, electroplating आदि।
मैं जब गया था तब electroplating के लिये मैशीनरी
खरीदी जा रही थी।
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