तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंदलादलि और बङ्गालका भविष्य
सका। आपलोगोंको बिलकुल अपना समझता हूं इस-
लिये इतनी बाते लिखनेका साहस हुआ। आपलोग संग-
ठन-मूलक काम कर रहे हैं, आशा है आप इस दलादलिके
कीचड़से अलग रहेंगे।
विद्यालयका समाचार पाकर विशेष आनन्दित हुआ।
किन्तु मकानकी बात पढ़कर बिना दुखी हुए न रह सका।
किन्तु यह बात मैं पहलेसे ही जानता हूं तथा चण्डीबाबू
आदिसे इसके परिणामके सम्बन्धमें कह भी चुका था।
मैं हमेशा सोचता कि स्कूलके अधिकारियोंने unbusiness-
like ढंगसे जमीन लीज लेकर मकान बनवानेका काम शुरू
कर दिया था जिसके फलस्वरूप जमीनदारको ही फायदा
हुआ। जाने दो, अब तो 'गतस्य शोचना नास्ति।' आप-
लोग जरा भी ना उम्मीद न हो कर "गृह निर्माण" के
लिये धन संग्रह कर रहे हैं, यह अत्यन्त आशाप्रद है।
आपका प्रयत्न सफल होगा इसमे मुझे सन्देह नहीं है,
क्योंकि, "नहि कल्याणकृत् कश्चित् दुर्गतिं तात ! गच्छति"
समितिके तमाम समाचार जानकर बहुत सुखी हुआ।
आपलोग मेहतर चमार आदि छोटी जाति कहलानेवालों-
के बालकोंकेलिये एक विद्यालय खोल सके तो बहुत
अच्छा हो। इस विषयमें अमृतके साथ सलाह करियेगा,
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