तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंजेल और कैदी
तुम जानते हो आजकल मेरे मनको क्या आच्छादित
किये रहता है। मैं जानता हूं हम सब एक ही विषयको
सोचते हैं, वह है महात्मा देशबन्धुका देहत्याग । अख-
बारमें जब यह समाचार पढ़ा तब अपनी आंखोंका
विश्वास नहीं हुआ किन्तु हाय ! संवाद नितान्त सत्य
था। मालूम होता है, हमारी जातिका भाग्य ही फूटा
है। जो विचार मेरे मनमें आन्दोलित हो रहे हैं, उनको
प्रकाशित कर मनको हलका करनेकी इच्छा होनेपर भी
मुझे कष्टकोही संयत करना होगा। जो सब बातें इस
समय मनमें आ रही हैं वे इतनी पवित्र, इतनी मूल्यवान
हैं कि अपरिचितके सामने प्रगट नहीं की जा सकतीं ।
Censor को अपरिचित न मानूं यह कैसे हो सकता है ?
मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि देशबन्धुके न रहनेसे
देशकी अपूर्व क्षति तो हुई ही, बंगालके युवकोंका तो
सर्वस्वही चला गया। सचमुच इस घटनाने मुझे स्तम्भित
कर दिया।
आज मैं इतना शोकाच्छन्न और विचलित हूं, साथ ही
साथ मनोजगतमें उन महात्माके इतना निकट पहुंच गया
हूं कि उनकी गुणावलिके सम्बन्धमें कुछ भी विश्लेषण
करना असम्भव है। मैंने उनके पास रहकर, बिलकुल
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