तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंचरित्र गठन और मानसिक उन्नति
सिक अशांति दूरकर प्रसन्नचित हो सब काम करते
रहोगे। Milton ने कहा है। "The mind is its own
place and can make a hell of heaven and a
heaven of hell." निश्चय ही इस उक्तिको व्यवहारमें
लाना हर समय संभव नहीं होता। किन्तु आदर्शको
सामने रखे बिना जीवनमे आगे बढ़ना असम्भव है।
वस्तुतः जीवनकी कोई भी अवस्था अशांतिहीन नहीं है,
यह बात भूलनेसे काम नहीं चलेगा।
अपने छुटकारेकी बात अब मैं नही सोचता, तुम लोग
भी मत सोचना भगवानकी कृपासे यहां मुझे मानसिक
शांति मिली है, जरूरत होनेपर यहां सारा जीवन व्यतीत
कर सकता हूं, ऐसी ताकत पा गया हूं, यही विश्वास
होता है। मेरी शुभेच्छाका कोई प्रभाव नहीं है, किन्तु
विश्वजननीका शुभाशीर्वाद चर्मकी तरह सर्वदा तुम्हारी
रक्षा करें। और मैं क्या लिखूं ? विश्वजननीमें विश्वास
और भरोसा रखना। तुम उसकी कृपासे सम्पूर्ण विपत्ति
और मोहसे उत्तीर्ण हो जाओगे। मनमें सुख शांति न
रहने पर, बाहरका अभाव दूर होनेपर भी मनुष्य सुखी
नहीं हो सकता। इसलिये संसारके सब काम करते रहने-
पर भी विश्वजननीके प्रति हृदयको अर्पण करना चाहिये।
इति।
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