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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 61, कुल 174 में से

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पृष्ठ 61

तरुणके स्वप्न
पढ़ना, अच्छी सीख मिलेगी। जल्दीमें अभी अधिक
किताबोंकी तालिका नहीं दे सका। समय मिलनेपर
सोचकर एक तालिका भेजूंगा। इति—
२
मान्डला जेल
स्वास्थ्योन्नतिकेलिये रोज व्यायाम करो तो बड़ा
उपकार होगा। Mullar की ‘My System’ नामक
किताब कहींसे लेकर उसके अनुसार व्यायाम करना
अच्छा होगा। मैं मूलरके बताये व्यायाम अक्सर किया
करता हूं, उनसे लाभ पाता हूं। मूलरके बताये व्यायाम-
की विशेषताएँ हैं कि (१) कुछ खर्च नहीं होता और
थोड़ी ही जगहमें व्यायाम हो जाता है (२) व्यायाममें
अतिरिक्त परिश्रम नहीं होता इसलिये अधिक परिश्रमसे
होनेवाली क्षति नहीं होती (२) सिर्फ अंगविशेषकी चालना
नहीं होती बल्कि सभी मांसपेशियोंकी कसरत होती है।
(४) परिपाक शक्ति बढ़ती है।
मेरा ख्याल है, हमारे देशमें, विशेषकर छात्रोंमें मूलर-
के व्यायामका विशेष प्रचार हो तो बहुत उपकार हो।
रोजमर्राका काम करके ही सन्तोष कर लेनेसे कुछ
नहीं होगा। इन सब कामोंका जो उद्देश्य या आदर्श है,
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