तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
depot नहीं चलाया जा सकता। जिनकी सहायता करते
हों उनके घरमें तथा समितिके सदस्योंके घरमें सूत
उत्पादनकी चेष्टा करना चाहिये। भवानीपुर या उसके
आसपाससे थोड़ा सूत भी न मिल सका तो तुम्हारा
परिश्रम व्यर्थ है। और भी एक बात जान लेना चाहिये
कि यदि स्थानीय लोग संस्थाकेलिये सूत तैयार करने
लगें तो समझना चाहिये कि संस्थाके प्रति उनकी वास्त-
विक सहानुभूति है। स्थानीय सहानुभूतिके अभावमें
कोई भी प्रतिष्ठान अधिक दिनतक नहीं चल सकता।
ऐसे आदमी भी मिल सकते हैं जो सूत कातेंगे पर
बेचेंगे नहीं, किन्तु उनके काते हुए सूतसे धोती साड़ी
बनाकर दे सको तो वे सूत कातकर देते रहेंगे। पहले
अनेक सूत देकर धोती या साड़ी बनवाते थे। आजकल
की हालत मैं नहीं जानता। तब भी मैं समझता हूं सूत
लेकर धोती साड़ी तैयार करवाकर देनेकी व्यवस्था होना
चाहिये। प्रत्येक सदस्यके घरमे सूत काता जाय इसका
ध्यान रखना चाहिये। इति—
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