तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
की व्यवस्था कीजिये। प्रदर्शनके लिये तस्वीरें किसीसे
बनवा लेना शायद अच्छा होगा। इति—
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(दक्षिण कलकत्ता सेवक समितिके अन्यतम कर्मी
श्रीमान् हरिचरण बागचीको लिखे हुए पत्रका अंश)
माण्डला जेल
३-७-२५
तुम्हारे तीन पत्र यथासमय मिले। उत्तर देनेका अव-
सर नहीं मिला, इसके सिवा शरीर भी ठीक नहीं है।
किसी तरहके काममें (लिखने पढ़नेमें भी) मन नहीं
लगता। पहले हफ्तेमें दो पत्र लिख पाता था, अब सिर्फ
एक लिख पाता हूं। फलस्वरूप, उत्तर देनेका अवसर न
मिलनेके कारण दो तीन महिनेकी चिट्ठियां जमा हो
जाती हैं।
Social Service विभागका प्रधान उद्देश्य होना
चाहिये,—गरीबकी सहायता कर उसके द्वारा काम
कराना। सिर्फ दान करना Organised Charity का
उद्देश्य नहीं हो सकता। प्रतिदान न देकर दान ग्रहण
करना आत्म सम्मानकेलिये हानिकर है, यही भाव गरीब
सहायता चाहनेवालोंके मनमें जगाना चाहिये। तब भी
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