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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 43, कुल 174 में से

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पृष्ठ 43

तरुणके स्वप्न

लाभ अन्तरका विकाश और आनन्दलाभ है, मांग स्वी-
कार करा लेनेकी बात तो बाहिरी लौकिक बात है।
Suffering के सिवा मनुष्य कभी भी अपने आन्तरिक
आदर्शके साथ अभिन्नता महसूस नहीं कर सकता और
कसौटीपर चढ़े बिना मनुष्य कभी स्थिर निश्चित भावसे
नहीं कह सकता कि उसके भीतर कितनी अपार शक्ति
है। इसी अभिज्ञताके आधारपर मैं अब अपनेको और भी
अच्छी तरह पहचान सका हूं तथा अपने पर मेरा विश्वास
सौ गुना बढ़ गया है।
❉ ❉ ❉ ❉
Social Service के द्वारा हमें गृहशिल्प-प्रतिष्ठा-
की चेष्टा करना होगा। Commercial Museum,
Bengal Home Industries Association आदि
प्रतिष्ठान या दूकान देखनेसे हमारे मनमें नवीन
भाव आ सकते हैं। बंगाल गवर्नमेंट द्वारा प्रकाशित
शिल्प-विभागकी वात्सरिक रिपोर्ट (Administration
Report of the Department of Home Industries)
देखनेसे भी हमारा लाभ हो सकता है। सबसे आवश्यक
बात यह है कि जहां गृहशिल्प हों वहां जाकर अपनी
आंखोंसे देखने और जाननेसे ही लाभ हो सकता है।
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