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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 42, कुल 174 में से

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समाज-सेवा और गृह-शिल्प
बालकोंके भोजनकी क्या व्यवस्था है ? बीमारीमें चिकि-
त्साका क्या इन्तजाम है ? चिकित्सा और दवाके लिये
दाम देने पड़ते हैं कि नहीं ? इति—
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मान्डला जेल
✽ ✽ ✽ ✽
सम्भव है आपने अबतक सुन लिया होगा कि हमारा
अनशन व्रत बिलकुल निरर्थक या निष्फल नहीं हुआ ।
सरकार हमारे धार्मिक अधिकार माननेको बाध्य हुई ।
अबसे बंगालके बन्दी पूजा ( दुर्गापूजा ) के खर्चके लिये
३०) रुपये एलाउन्स allowance पायेंगे, तीस रुपये बहुत
कम हैं और इससे हमारा खर्चा पूरा न होगा, किन्तु जिस
principle को सरकार अब तक मानना नहीं चाहती
थी, उसे अब स्वीकार कर लिया है, यही हमारे लिये
सबसे बड़ा लाभ है । रुपयेकी बात तो सब जगह, सब
समय, बिलकुल मामूली बात है ? पूजा करने देनेकी मांग-
के सिवा सरकारने हमारी अन्य मांग स्वीकृत की है ।
वैष्णव भाषामें कहने जानेपर इसे इस तरह कहना होगा
कि “एहि बाह्य” । यानी अनसनव्रतका सबसे बड़ा
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