तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
but for all that,all my suffering, all my blood
is a small price for that which is already sti-
rring in my breast, in my mind, in the marrow
of my bones ! I am already rich as a star is
rich in golden rays. And I well bear all, will
suffer all because there is within me a joy
which no one, which nothing can ever stifle !
In this joy there is a world of strength ! (यानी;
भाग्यमें अभी भी अनेक कष्ट हैं, लोभी और अत्याचा-
रियोंके निष्पेषणसे अभी हमारा रक्त और भी बहेगा।
तब भी जो सत्य मेरे चित्तमें, हृदयमें, अस्थि-मज्जामे स्प-
न्दित है, उसे पानेके लिये यदि मुझे दुःख कष्ट भोगना
पड़े, मुझे अपना रक्त देना पड़े तो मैं समझूँगा कि बहुत कम
दाममें महान् सम्पदा मिल गयी। सुनहरी किरणोंसे
मण्डित तारेके समान अलभ्य सम्पदा मुझे मिली। इसी-
लिये मैं सम्पूर्ण कष्ट यन्त्रणा सहन करूंगा, सम्पूर्ण दुःख
कष्टको अपने हृदयमें खींच लूंगा, क्योंकि मैंने अपने
भीतर जो आनन्द पाया है उसे कोई भी पार्थिव पदार्थ
दबाकर नहीं रख सकता, यही आनन्द अनन्त शक्तिका
समुद्र है।)
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