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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 18, कुल 174 में से

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पृष्ठ 18

सौ बातकी एक बात
वही भारतीय जीवित है। भारतके पैंतिस करोड़ प्राणी
जीवितकी तरह जीवित हैं यह सच नहीं है। जो युवक
यह समझते हैं, अनुभव करते हैं वे ही जीवित हैं।
जन्मभूमिसे दूर जेलकी कोठरीमें महिने पर महिने काट
रहा था,उस समय बार-बार मेरे मनमें यह प्रश्न उठता था;—
“किसके लिये, किस उद्दीपनासे उद्दीप्त हो कारावासके
बोझसे न दबकर हम और भी शक्तिमान हो रहे हैं?”
इस प्रश्नका आत्मा जो उत्तर देती, वह यह था;—“भारत-
का एक mission है, एक गौरवमय भविष्य है, उस
भावी भारतके उत्तराधिकारी हमी हैं। नवीन भारतके
इतिहासकी रचना हमीने की है और करेंगे। इसी
विश्वासके बलपर हम सब दुःख, यातना सहते हैं, वास्त-
विकताको आदर्शके आघातसे चूर-चूर कर डालते हैं।
इसी अटल अचल विश्वासके कारण ही भारतीय युवकों-
की शक्ति मृत्युञ्जयी है।”
यही “श्रद्धा,” ऐसा आत्म विश्वास जिसमें है, वही
व्यक्ति सर्जक है, वही व्यक्ति देश-सेवाका प्रकृत अधि-
कारी है संसारमें जितने भी महान कार्य हैं वे सब मनु-
ष्य हृदयके आत्मविश्वास और सर्जन शक्तिपर अवल-
म्बित हैं।
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