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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

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निवेदन
द्वारा लांछित था, उस समय भी आपने अधिकारियोंकी
पर्वा न कर मुझे सम्मानके उच्च आसनपर बैठाया । मेरे
प्रति ऐसा स्नेह और विश्वास प्रकट कर आपने सिर्फ
मुझे ही धन्य नहीं किया बल्कि सभी राजबन्दियोंको
गौरवमण्डित किया है ।
जेलमें रहते हुए आपके प्रति अपनी आन्तरिक कृत-
ज्ञता प्रकट करनेका अवसर नहीं मिला तथा वर्तमान सम-
स्याके सम्बन्धमें आपका मतामत जाननेका सुयोग भी
नहीं मिला । सोचा था, जब मुक्ति मिलेगी तभी ये दो
कार्य सम्पादन कर सकूंगा । पहले छूटनेकी बिलकुल
आशा नहीं थी, किन्तु जिस दिन अप्रत्याशित भावसे छूटा
उस दिन मैं बीमार और शैयाग्रस्त था । आपके प्रतिनिधि-
की हैसियतसे मेरा जो कर्तव्य है उसे जेलसे छूटनेपर
भी मैं आजतक नहीं कर सका । इच्छा न रहनेपर भी
आपके साथ मुलाकात न करके मुझे यहां आना पड़ा ।
कर्मक्षेत्रमें आनेमें अभी विलम्ब है, पर पहलेसे अब जरा ठीक
हूं, इसलिये निश्चय किया कि कमसेकम पत्र द्वारा अपना
निवेदन प्रकट कर दूं ।
मेरे छुटकारेके बाद आपने मुझे जिस प्रकार अभि-
नन्दित किया है एवं मेरी आरोग्य-कामनाकेलिये जो
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