तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
कसौटीपर जीवनकी सफलता या व्यर्थताका निर्णय
किया जा सकता है, इसे मैं नहीं मानता। हमारा संग्राम
शारीरिक बलका नहीं है। वैषयिक लाभ प्राप्तिकेलिये भी
हमारी लड़ाई नहीं है। सेण्टपालने कहा है,—
“हम रक्त मांसके विरुद्ध संग्राम नहीं करते, हमारा
संग्राम उनके विरुद्ध है; जो पृथ्वीके अन्धकारके नायक
हैं, हमारा संग्राम उच्च-पद-प्राप्त अन्यायके विरुद्ध है।”
स्वाधीनता और सत्य ही हमारा आदर्श है, रातके बाद
जैसे दिन आता है, हमारी कोशिश भी वैसे ही सफल
होगी, होगी ! हमारा शरीर नष्ट हो सकता है किन्तु
अटल विश्वास और दुर्जय संकल्पके बलसे हमारी जय
अवश्य होगी। हमारे आदर्शकी सफलता देखनेका सौ-
भाग्य किसे प्राप्त होगा, यह तो भगवान ही जानते हैं।
किन्तु अपने सम्बन्धमे मैं कह सकता हूं, मैं अपना काम
किये जाऊंगा, फिर चाहे जो भी हो।
और एक बात कहकर वक्तव्य समाप्त करता हूं। मैं
स्विटजरलैण्ड जाऊंगा या नहीं यह मैं अभी स्थिर नहीं
कर सकता। शरीरकी वर्त्तमान समयमें जो अवस्था है
उसे देखते हुए स्विटजरलैण्ड जानेका परिश्रम मैं कर
नहीं सकूंगा। फिलहाल भारतके किसी स्वास्थ्यप्रद
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