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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 122, कुल 174 में से

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पृष्ठ 122

जीवन-लक्ष
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स्थानमें रहकर मुझे स्वास्थ्यलाभ करना होगा। कितने
दिन बाद स्विटजरलैण्ड जाने लायक शक्ति प्राप्त कर
सकूँगा कुछ ठीक नहीं। जो भी हो डॉक्टरोंका मत है कि
जबतक मैं जरा अच्छा नहीं हो जाता, तबतक स्विटजरलैंड
जानेका सवाल ही नहीं उठ सकता। और भारतके किसी
स्वास्थ्यप्रद स्थानमें रहकर ही यदि मैं स्वास्थ्यलाभ कर
सकूँ या इच्छापूर्वक निर्वासन स्वीकार न करूँ तो
स्विटजरलैण्ड जानेकी जरूरत ही क्या है?
साथ ही साथ स्विटजरलैण्ड जानेका निश्चय करने-
के पहले मुझे अपनी आर्थिक स्थितिके सम्बन्धमें सोचना
होगा। परिवारवालोंके साथ, विशेषकर माता पिताके
साथ इस सम्बन्धमें बातचीत करना होगा। कुछ ही
महिनोंमें बंगालकी राजनैतिक अवस्थामें परिवर्तन हो
सकता है तथा बंगाल सरकारकी धारणा भी परिवर्तित
हो सकती है। किसी तरहका निश्चय करनेके पहले इन
सब बातोंपर विचार कर लेना होगा। जो भी हो, मैं
किसी तरहकी बन्दिश नहीं चाहता, यदि सरकार किसी
तरहकी रोक थाम करना चाहे तो आप लोग बातचीत
बन्द कर दें। ईश्वर महान् है—कमसे कम अपनी सृष्टिसे
महान् अवश्य है। हम जब उसमें विश्वास करते हैं, तब
हमें दुःखी नहीं होना चाहिये।

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