तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंजेल-मुक्तिके प्रस्तावका उत्तर
नजरोंमें दोषोंकी खान सिद्ध करनेकेलिये, किसी मिथ्या
घटनाका वर्णन नहीं भेजेगा, इसका ही क्या प्रमाण है ?
मैंने पिछले साल मिस्टर लोमेनसे कहा था, कि सी० आई०
डी० वाले चाहें तो चाहे जिसके विरुद्ध प्रमाण बनाकर
उसे चाहे जिस आर्डिनेंसके अनुसार बन्दी बना सकते
हैं। युरोपमें ऐसा करना और भी सहज है। युरोपमें
जिन्हें सन्देहकी नजरसे देखा जाता है उन्हें स्वदेश लौटनेके-
लिये कितनी असुविधाएं उठानी पड़ती है, यह सब जानते
हैं। विलायती पार्लामेन्ट और मन्त्री सभाके कुछ सदस्य
प्रयत्न न करते तो लाला लाजपतराय जैसे नेता भी भारत
वापिस नहीं आ सकते। सरकारकी सन्देह दृष्टि जब
एक बार मेरे ऊपर पड़ गयी है, तो मेरे भविष्यका क्या
होगा, इसका सहज ही अनुमान किया जा सकता है।
मैं जानता हूं, कि पुलिसके गोयन्दा इस विषयमें विशेष
तत्पर रहते हैं मैं युरोपमें चाहे जितने शान्त भाव और
सावधानीके साथ क्यों न रहूं, वे मेरे खिलाफ़ भारत
सरकारके पास झूठी रिपोर्ट भेजेंगे ही। मेरे चुप रहनेपर
और कुछ न करनेपर भी वे मुझे भयंकर षड्यन्त्रका
कर्ता धर्ता बतलावेंगे, तथा वे क्या रिपोर्ट दे रहे हैं, यह
मुझे मालूम भी न होगा। फल-स्वरूप उस रिपोर्टके-
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