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तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)

तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)

Tarkabhasha of Keshavamishra

आचार्य केशवमिश्र (व्याख्याकार: पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि) द्वारा

DevanagariHindipublished330 पृष्ठ

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तर्कभाषा तथा 'तर्करहस्यदीपिका' व्याख्या की विषयसूची
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स्तम्भ १ (बायाँ स्तम्भ)

[ उपोद्धात पृ० १—१२ ] पृष्ठ
१ अनुबन्ध चतुष्टय १
२ नामकरण ३
३ पाश्चात्य तर्क ४
४ नवीन तथा प्राचीन शैली का भेद ४
५ दर्शनमीमांसा का संग्रह १-४ श्लोक ६
६ दो प्रकार के प्रकरण ग्रन्थ
दर्शनमीमांसा का संग्रह ५-१२ श्लोक ७
१ पदार्थाद्देश ८
६ शास्त्र प्रवृत्ति के भेद ९
७ विभाग १०
८ लक्षण का लक्षण ११
९ लक्षण का प्रयोजन १२
[ १ प्रमाण पदार्थ : पृ० १३—४५ ]
२ प्रमाणलक्षण १३
११ पदकृत्य १३
३ प्रमालक्षण १४
१२ अप्रमालक्षण १५
१३ संशय तथा तर्क का अप्रमात्व १६
१४ ज्ञान के भेद १७
१५ स्मृति और प्रत्यभिज्ञा १८
४ करणलक्षण १९
५ कारणलक्षण १९
१६ अन्यथासिद्ध २१
५ लक्षणान्तर खण्डन २३
६ समवायिकारणलक्षण २५
७ अयुतसिद्धलक्षण २६
१७ विशेषलक्षण २७
८ समवायलक्षण ३१
९ निर्गुणोत्पत्ति ३३


स्तम्भ २ (दायाँ स्तम्भ)

पृष्ठ
१० असमवायिकारणलक्षण ३६
११ निमित्तकारणलक्षण ३९
१२ प्रमाण के अन्य लक्षण का खण्डन ३९
१८ धारावाहिक के विषय में न्यायमत ४०
१९ ,, ,, में मीमांसकमत ४१
२० ,, ,, बौद्धमत ४३
२१ ,, ,, जैनमत ४३
२४ दर्शनमीमांसा संग्रह १२-२१ श्लोक ४४
[ प्रत्यक्षनिरूपण पृ० ४६–७० ]
१३ प्रत्यक्षलक्षण ४६
२५ सविकल्पक निर्विकल्पक भेद ४६
१४ त्रिविध करण ४८
१५ अवान्तर व्यापार ५०
२६ निर्विकल्पक ज्ञान के विषय में
वैयाकरण मत ५१
२७ विषयक द्विविध न्याय मत ५२
१६ षोढा सन्निकर्ष ५३
२८ अलौकिक त्रिविध सन्निकर्ष
२९ दर्शन मीमांसा का संग्रह २२-२८ श्लोक ६१
३० ,, ,, २९-३२ श्लोक ६२
३१ चाक्षुष प्रत्यक्ष का वैज्ञानिक प्रकार ६२
३२ न्याय में वैज्ञानिक प्रकार का मूल ६४
३३ दर्शन मीमांसा का संग्रह ३३-३५ श्लोक ६५
३४ चाक्षुष प्रत्यक्ष के विषय में सांख्य
आदि की प्रक्रिया ६५
३५ प्रत्यक्ष के विषय में पाश्चात्य मत ६६
३६ प्रत्यक्ष के विषय में बौद्धमत ६७
१७ बौद्धमत का खण्डन ६९
३७ दर्शन मीमांसा का संग्रह ३६-४१ श्लोक ७०
[ अनुमान निरूपण पृ० ७१–१०५ ]
१८ अनुमान का लक्षण ७१