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सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

सुन्दर विलास (सन्त सुन्दरदास जी - अद्वैत वेदान्त एवं ज्ञान-भक्ति काव्य सटीक)

Sundar Vilas of Sant Sundardas with Hindi Commentary

सन्त सुन्दरदास जी द्वारा

DevanagariHindipublished284 पृष्ठ

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पृष्ठ 169

१६० ] ॥ सुन्दर विलास ॥
रासि काम तबही बनि आवै,
मन मैं सब तजि राखै दोइ ।
सुन्दरदास कहै सुनि पण्डित,
राम नाम बिन मुक्त न होइ ॥३२॥
॥ इति विपर्य शब्द को अग सम्पूर्ण ॥