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सर्वकोश
श्री हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमानाष्टक एवं बजरंग बाण (महावीरी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

श्री हनुमान चालीसा, संकटमोचन हनुमानाष्टक एवं बजरंग बाण (महावीरी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

Shri Hanuman Chalisa with Mahaviri Commentary

गोस्वामी तुलसीदास (व्याख्याकार: स्वामी रामचन्द्रदास 'महावीर') द्वारा

DevanagariHindipublished110 पृष्ठ

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चौ. ३१: अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता महावीर व्याख्या
अणिमा गरिमा चैव महिमा लघिमा तथा।
प्राप्तिः प्राकाम्यमीशित्वं वशित्वं चाष्ट सिद्धयः ॥
—अ.को. १-१-३५क
अर्थात् अणिमा, गरिमा, महिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, और
वशित्व आठ सिद्धियाँ हैं। निधियाँ नौ हैं—महापद्म, पद्म, शङ्ख, मकर,
कच्छप, मुकुन्द, कुन्द, नील, और खर्व। यथा—
महापद्मश्च पद्मश्च शङ्खो मकरकच्छपौ।
मुकुन्दः कुन्दनीलौ च खर्वश्च निधयो नव ॥
— अ.को. १-१-७१क
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