सेहत संजीवनी
Sehat Sanjivani
सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)
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साहिब बन्दगी
आरती
जय सदगुरु देवा, साहिब जय सदगुरु देवा,
सब कुछ तुम पर अर्पण करहूँ पद सेवा।
जय गुरुदेव दया निधि, दीनन हितकारी, साहिब भक्तन हितकारी,
जय जय मोह विनाशक, जय जय तिमिर विनाशक, भय भंजन हारी।
साहिब जय.....
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, गुरु मूर्ति धारी, साहिब प्रभु मूर्ति धारी,
वेद पुराण बखानत, शास्त्र पुराण बखानत, गुरु महिमा भारी।
साहिब जय.....
जप तप तीर्थ संयम, दान विधि दीन्हे, साहिब दान बहुत दीन्हे,
गुरु बिन ज्ञान न होवे, दाता बिन ज्ञान न होवे, कोटि यत्न कीन्हे।
साहिब जय.....
माया मोह नदी जल, जीव बहे सारे, साहिब जीव बहे सारे,
नाम जहाज बिठाकर, शब्द जहाज चढ़ाकर, गुरु पल में तारे।
साहिब जय.....
काम क्रोध, मद, लोभ, चोर बड़े भारी, साहिब चोर बहुत भारी,
ज्ञान खड्ग दे कर में, शब्द खड्ग देकर में, गुरु सब संहारे।
साहिब जय.....
नाना पंथ जगत में निज-निज गुण गावें, साहिब न्यारे-न्यारे यश गावें,
सब का सार बताकर, सब का भेद लखा कर, गुरु मार्ग लावें।
साहिब जय.....
गुरु चरणामृत निर्मल, सब पातक हारी, साहिब सब दोषक हारी,
वचन सुनत तम नासे, शब्द सुनत भ्रम नासे, सब संशय टारी।
साहिब जय.....
तन, मन, धन सब अर्पण, गुरु चरण कीजै, साहिब दाता अर्पण कीजै,
सदगुरु देव परमपद, सदगुरु देव अचलपद, मोक्ष गती लीजै।
साहिब जय.....
सेहत संजीवनी
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पुस्तक सूची
हिन्दी में
| 1. परा रहस्या | 18. सहजे सहज पाइये |
|---|---|
| 2. मासिक पत्रिका सत्यकेतु | 19. रोगों से छुटकारा |
| 3. पावन प्रार्थनाएँ | 20. सदगुरु महिमा |
| 4. सदगुरु चालीसा | 21. भक्ति के चोर |
| 5. वार्षिक डायरी | 22. अनुरागसागर वाणी |
| 6. सदगुरु भक्ति | 23. भक्ति सागर |
| 7. कहाँ से तू आया और कहाँ | |
| तुझे जाना रे? | 24. हरि सेवा युग चार है, गुरु |
| सेवा पल एक | |
| 8. सत्संग सुधारस | 25. सत्य नाम के पटतरे उबरे |
| पतित अनेक | |
| 9. नाम अमृत सागर | 26. काग पलट हंसा कर दीना |
| 10. अमृत वाणी | 27. कस्तूरी कुण्डल बसै मृग |
| खोजे बन माहिँ | |
| 11. सदगुरु नाम जहाज है | 28. गुरु पारस गुरु परस है |
| 12. चल हंसा सतलोक | 29. गुरु अमृत की खान |
| 13. कोटि नाम संसार में तिनते | |
| मुक्ति न होय | 30. शीश दिये जो गुरु मिले तो |
| भी सस्ता जान | |
| 14. मूल नाम गुप्त है, जाने बिरला | |
| कोय | 31. मूल सुरति |
| 15. गुरु सुमिऐ सो पार | 32. भृंग मता होय जिहि पासो, |
| सोई गुरु सत्य धर्मदासा | |
| 16. तीन लोक से न्यारा | |
| 17. सेहत के लिए जरूरी |
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साहिब बन्दगी
33. मैं कहता हूँ आँखिन देखी
34. गुरु संजीवन नाम बतावे
35. नाम बिना नर भटक मरे
36. रोगों की पहचान
37. यह संसार काल को देशा
38. न्यारी भक्ति
39. साहिब तेरी साहिबी सब
घट रही समय
40. जाप मरे अजपा मरे अनहद
भी मर जाए
41. आयुर्वेद का कमाल रोगों के
निदान में
42. सुरति समानी नाम में
43. सबकी गठरी लाल है, कोई
नहीं कंगाल
44. निराले सदगुरु
45. कुँजड़ों की हाट में हीरे का
क्या मोल
46. जीवड़ा तू तो अमर लोक का
पड़ा काल बस आई हो
47. मुझे है काम 'सदगुरु से
जगत रुठे तो रुठन दे'
48. जेहि खोजत कल्पों भये
घटहि माहिं सो मूर
49. आत्म ज्ञान बिना नर भटके
50. बिन सतगुरु बाँचे नहीं
कोटिन करे उपाय
51. अँधी सुरति नाम बिन जानो
52. ये सब साहिब तुम्हीं कीना
53. सत्यनाम निज औषधि
सदगुरु दर्द बताय
54. सेहत संजीवनी
साहिब
बन्दगी
सन्त आश्रम रॉजड़ी, पोस्ट राया, ज़िला साम्बा (जे. एण्ड के.)