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सेहत संजीवनी

Sehat Sanjivani

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: June 2009 First Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Post-Raya, Distt.-Samba (J & K) · 2009 (उद्गम)

DevanagariHindipublished104 पृष्ठ

प्रारंभिक पृष्ठ व विषय-सूची

श्री सद्गुरुवेनमः

सेहत संजीवनी

सत्य नाम निज औषधि, सतगुरु दर्ई बताय।
औषध खाय अरु पथ रहे, ताकी वेदन जाय॥

—सतगुरु मधु परमहंस जी

साहिब

A logo consisting of a semi-circular sunburst with radiating lines. Inside the sunburst, the word 'सत्य' (Saty) is written in a bold, stylized font. Above the sunburst, the text 'श्री सद्गुरु वै नमः' (Shri Sadguru Vaimanik) is written in a smaller font. Below the sunburst, the same text 'श्री सद्गुरु वै नमः' is repeated.

बन्दगी

सन्त आश्रम रॉजड़ी, पोस्ट राया, ज़िला सम्बा (जे. एण्ड के.)

सेहत संजीवनी

— सतगुरु मधुपरमहंस जी

प्रचार अधिकारी

— राम रतन, जम्मू

© SANT ASHRAM RANJRI (J & K)

ALL RIGHTS RESERVED

First Edition—June, 2009
Copies—5000

Website Address.

www.sahibbandgi.org

www.sahib-bandgi.org

E-Mail Address.

*[email protected]

Editor

Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri

Post -Raya, Distt.-Samba (J & K)

Ph. (01923) 242695, 242602


Mudrak : Deepawali Printers, Sodal Road, Preet Nagar, Jalandhar

विषय सूचि

पृष्ठ संख्या

1. महत्वपूर्ण रोगों के लक्षण5
2. सेहत संजीवनी दवाएँ12
3. सेहत संजीवनी शरबत48
4. सेहत संजीवनी चूर्ण66
5. सेहत संजीवनी लेप86
6. महत्वपूर्ण संजीवनी मुरब्बे89
7. सेहत संजीवनी पाक92
8. सेहत संजीवनी रस99

Three decorative floral symbols, resembling stylized lotus or flower motifs, are arranged horizontally in the center of the page.

दो शब्द

❑ चने का सेवन करना। कहावत है—खाओ चने रहो बने ॥ ओरंगजेब बड़ा ही कट्टर था। उसने अपने बाप को बंदी बना लिया था। भाइयों को तो उसने मार दिया। कहा कि ये इस्लाम को स्थापित नहीं कर सकते थे। बाप को जेल में बंद कर दिया। उनको कहा कि आप अप्पाजान हैं, इसलिए आपको नहीं मार रहा हूँ। शाहजहाँ उसे राज्य नहीं देना चाह रहा था। वो बाप को बंदी बनाकर और भाइयों को मारकर जबरन राजा बना था। तब उसने शर्त रखी कि जेल में एक ही अनाज़ मिलेगा। चावल खाना है तो केवल चावल ही मिलेंगे। शाहजहाँ ने कहा कि यदि एक ही मिलेगा तो चना दे देना। फिर कहा कि एक शौक पूरा करूँगा। उसने कहा कि हकूमत करते-करते आदत बन गयी है। इसलिए जेल में 20-25 लड़कों को भेज दिया करना ताकि हकूमत कर सकूँ। यह आदत बन गयी है। यानी ओरंगजेब ने एक शर्त रखी तो चना माँगा। कभी चने की बर्फी खाता था, कभी चिल्ले खाता था। कभी भी ऊबा नहीं।

❑ आँवले का इस्तेमाल करना। यह बूढ़ा भी नहीं होने देगा। इसे अमरफल कहा गया है। इसकी रानी है गाजर। यह रानी है और वो राजा है। आयुर्वेद में आँवले को राजा माना गया है। यूनान में गाजर को अधिक महत्व दिया गया है। वो पहले खुराक के रूप में गाजर का हलवा बोलते हैं।

❑ आयुर्वेद में लिखा है कि भोजन का भोग दवा के रूप में हो। यह कोई टूँस-टूँस कर नहीं खाना है। कुछ सोचते हैं कि यदि 4 फुलके खाते हैं तो रोज़ खाने-ही-खाने हैं। नहीं। आप भोजन की विशिष्टता पर जाएँ, मात्रा पर नहीं जाएँ।