सर्वार्थसिद्धि: तत्त्वार्थसूत्र (आचार्य पूज्यपाद - पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री सविस्तार हिन्दी टीका)
Sarvarthasiddhi of Acharya Pujyapada on Tattvartha Sutra with Commentary
आचार्य उमास्वामी / पूज्यपाद (टीकाकार: पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंद्विशतद्वयपरिमाणा भवन्ति(Wait:द्विशतद्वयपरिमाणाorद्विशतपरिमाणा? Let's zoom in: लक्षाष्टनवतिसहस्रद्विशतद्वयपरिमाणा- wait, 5 93 98 206 ->कोटिपञ्चक(5 crore)त्रिनवतिलक्ष(93 lakh)अष्टनवतिसहस्र(98 thousand)द्विशत(200)द्वय? No, wait: 206! Six is षट्! Let's read: लक्षाष्टनवतिसहस्र...what is the word beforeपरिमाणा? सहस्रद्विशतषट्परिमाणा? Or सहस्राधिकशतद्वयपरिमाणा? LOOK CLOSELY at that line: लक्षाष्टनवतिसहस्राधिकशतद्वयपरिमाणा भवन्ति? Wait! Let's read the characters: ल क्षा ष्ट न व ति स ह स्रा धि क श त द्व य प रि मा णा YES!लक्षाष्टनवतिसहस्राधिकशतद्वयपरिमाणा