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सर्वकोश
सर्वार्थसिद्धि: तत्त्वार्थसूत्र (आचार्य पूज्यपाद - पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री सविस्तार हिन्दी टीका)

सर्वार्थसिद्धि: तत्त्वार्थसूत्र (आचार्य पूज्यपाद - पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री सविस्तार हिन्दी टीका)

Sarvarthasiddhi of Acharya Pujyapada on Tattvartha Sutra with Commentary

आचार्य उमास्वामी / पूज्यपाद (टीकाकार: पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished558 पृष्ठ

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पृष्ठ 110

१०६ सर्वार्थसिद्धि
साक्षात् मोक्षका कारण मिलने पर मुनि मुक्त यत्नसाध्य अभाव किस क्रमसे होता है इस
होता है इस बातका निर्देश ३५१ इस बातका निर्देश ३५७
दोनों प्रकारका तप संवरके साथ निर्जराका भी अन्य किन भावोंके अभावसे मोक्ष होता है
कारण है इस बातका समर्थन ३५१ इस बातका निर्देश ३५९
किसके कितनी निर्जरा होती है ३५१ भव्यत्व पदको ग्रहण करनेका कारण ३५९
अधिकारी भेदसे उत्तरोत्तर असंख्यातगुणी मोक्षमें किन भावोंका अभाव नहीं होता इस
निर्जराका विशेष खुलासा ३५१ बातका निर्देश ३५९
निर्ग्रन्थोंके पाँच भेद ३५३ मोक्षमें अनन्त वीर्य आदिका सद्भावख्यापन ३५९
पुलाक आदि पदोंकी व्याख्या ३५३ मुक्त जीवोंके आकारका शंका-समाधानपूर्वक
ये पुलाकादि पाँचों किस अपेक्षासे निर्ग्रन्थ प्रतिपादन ३६०
कहलाते हैं इसका कारण ३५३ मुक्त जीव लोकाकाश प्रमाण क्यों नहीं होता
निर्ग्रन्थोंमें संयम आदिकी अपेक्षा भेद कथन ३५४ इस बातका निर्देश ३६०
संयमकी अपेक्षा भेद कथन ३५४ मुक्त जीवके ऊपर लोकान्त गमनका निर्देश ३६०
श्रुतकी अपेक्षा भेद कथन ३५४ ऊपर लोकान्त गमनमें हेतुओंका निर्देश ३६०
प्रतिसेवनाकी अपेक्षा भेद कथन ३५४ दृष्टान्तों द्वारा हेतुओंका समर्थन ३६१
तीर्थकी अपेक्षा भेद कथन ३५४ हेतुपूर्वक दृष्टान्तोंका विशेष स्पष्टीकरण ३६१
लिंगकी अपेक्षा अभेद कथन ३५४ ऊपर लोकान्तसे आगे गमन न करनेका कारण ३६१
लेश्याकी अपेक्षा भेद कथन ३५५ मुक्त जीवोंमें क्षेत्र आदिकी अपेक्षा भेद कथन ३६२
उपपादकी अपेक्षा भेद कथन ३५५ भेद कथनमें दो नयोंका अवलम्बन ३६२
स्थानकी अपेक्षा भेद कथन ३५५ क्षेत्रकी अपेक्षा भेदकथन ३६२
कालकी अपेक्षा भेदकथन ३६२
दसवाँ अध्याय गतिकी अपेक्षा भेदकथन ३६२
केवलज्ञानकी उत्पत्तिके हेतु और कर्मक्षयका लिंगकी अपेक्षा भेदकथन ३६२
क्रमनिर्देश ३५६ तीर्थकी अपेक्षा भेदकथन ३६३
मोहक्षयात् पदको अलग रखनेका कारण ३५६ चारित्रकी अपेक्षा भेदकथन ३६३
मोहका क्षय पहले क्यों और किस क्रमसे होता प्रत्येक बुद्धबोधितकी अपेक्षा भेदकथन ३६३
है इस बातका निर्देश ३५६ ज्ञानकी अपेक्षा भेदकथन ३६३
क्षीणकषाय जीवके शेष ज्ञानावरणादि कर्मोंका अवगाहनकी अपेक्षा भेदकथन ३६३
क्षय कब और किस क्रमसे होता है इस अन्तरकी अपेक्षा भेदकथन ३६३
बातका निर्देश ३५७ संख्याकी अपेक्षा भेदकथन ३६३
कारणपूर्वक मोक्षका स्वरूप ३५७ क्षेत्रादिकी अपेक्षा अल्पबहुत्व ३६३
कर्मके अभावके दो भेद ३५७ सर्वार्थसिद्धि इस नामकी सार्थकता और
किन कर्मोंका अयत्नसाध्य अभाव होता है इस महत्त्वप्रख्यापन ३६४
बातका निर्देश ३५७ वीर जिनकी स्तुति ३६४