सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra

सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished332 पृष्ठ

पृष्ठ 74, कुल 332 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 74

संत नामदेव : व्यक्तित्व और रचनाएँ ७७
बामनी गाँव में हुआ था, और कुछ ही दिन पश्चात् उनके माँ-बाप पंढरपुर जाकर
रहने लगे थे ।'¹
डॉ० भगीरथ मिश्र इस सम्बन्ध में डॉ० भाडारकर, माधवराव अप्पाजी मुले,
पाडुरंग शर्मा, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, आचार्य विनयमोहन शर्मा, आचार्य परशुराम
चतुर्वेदी और मेकालिफ के मत का ही अनुसरण करते हैं । वे डॉ० शं० गो० तुलपुले,
श्री० पांगारकर, धो भावे, श्री केशवराव कोरटकर तथा डॉ० ईनामदार की इस
स्थापना को अस्वीकार करते हैं कि नामदेव का जन्म परभणी जिले के नरसी बामनी
गाँव में हुआ था ।
इस सन्दर्भ में डॉ० आनन्दप्रकाश दीक्षित का मत दृष्टव्य है—'डॉ० भगीरथ
मिश्र के विचारों में विभिन्न मतों के बीच समन्वय खोज निकालने की भावना ही
प्रबल है । क्योंकि नामदेव द्वारा अपने पिता के सम्बन्ध में यह कहा जाना कि वह
नरसी बमनी के निवासी थे यह सिद्ध नहीं करता कि नामदेव का जन्म भी यही हुआ
था । और यह नरसी बमनी कराड के अन्तर्गत वाली ही है । नरसो बमनी उनके कुल
का मूलस्थान हो सकती है । इसके अतिरिक्त यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जिस
अभंग में दामा शेट को नरसी बमनी का शिंपी बताया गया है उसे अनेक विद्वानों ने
प्रक्षिप्त बताया है । अत. उसके आधार पर कुछ भी कहना सम्भव नही है ।'²
सारा विवाद इस बात को लेकर चला है कि नरसी ब्राह्मणी कहाँ स्थित है ?
सातारा जिले के कराड के पास अथवा मराठवाडा के परभणी जिले में ? इस विषय
में विद्वानों में मतैक्य नहीं है । नरसी की स्थिति के सम्बन्ध में तीन मत प्रस्तुत किये
जाते हैं :—
(१) कराड के पास कृष्णा-तट पर
(२) सोलापुर जिले की बार्सी के पास
(३) मराठवाड़ा के परभणी जिले में
अब हम क्रमशः एक-एक मत पर विचार करेंगे—
(१) कराड के पास कृष्णा तट पर .—डॉ० भाडारकर नरसी ब्राह्मणी गाँव
को कराड के समीप सातारा जिले में स्थित बताते हैं जो अब बहे नरसिंगपूर अथवा
कोले नरसिंगपूर कहलाता है ।³
१. सन्त नामदेव की हिन्दी पदावली—पृ० ३२
२. नामदेव का कृतित्व . डॉ० आनंदप्रकाश दीक्षित—पृ० ११२
'राष्ट्रवाणी'—सन्त नामदेव विशेषांक,
—अक्तूबर-नवंबर, १६७०
३. वैष्णविज्म शैविज्म एण्ड अदर मायनर रिलीजस सिस्टम्स—पृ० ८१