सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंबद्य पंचमी संवत् १४२० (सं० १३६३ ई०) को हुआ—
बद्य पंचमी संवत् १४२० (सं० १३६३ ई०) को हुआ— संमत चौदा से अरु बीस। चरत कीआ एह धी जगदीस।
फाग मास आगमन करतूती। रितु राज अनूप सुहाई। तिय पंचमी पाई बडाई।
रव दिन एक महुरत आईआ। बामकुमारी बालक पाईआ। बाबा पूरणदास की 'जनम साखी' के इस उद्धरण से फाल्गुन, वसंत पंचमी,
रविवार संवत् १४२० को नामदेव का जन्मकाल निश्चित किया गया है। स्व० म० गो० आटवले ने१ इसे त्याज्य ठहराया है क्योंकि पिले जन्त्री के अनुसार उस दिन
रविवार न आकर गुरुवार आता है। अंग्रेजी तारीख फरवरी १३६४ आती है। और शके १२८५।
'रितु रितुराज अनूप सुहाई। तिय पंचमी' के अनुसार बहुतों ने 'पंचमी' को अपनी सुविधा के अनुरूप 'वसंत पंचमी' गृहीत कर चर्चा करने का प्रयत्न किया है।२
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