सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
पृष्ठ 70, कुल 332 में से
संदर्भ में पढ़ेंसंत नामदेव : व्यक्तित्व और रचनाएं ७३
है। इसमें भारद्वाज और भिंगारकर के विवाद का उल्लेख कर कहा गया है—'अखां तां
नामदेव दे जनम मरणादि तारीखों तो जो मरहठी कताव विच दिती आ हन । उपरला
सिटा कढिभासी असे ओह सानु । ठीक वी मलूम देंदा है ।'
स्व० बारटक्के के अनुसार पंजाब युनिवर्सिटी के प्राध्यापक तथा लाहौर की
गुरुद्वारा कमिटी के सभासद ज्ञानी खजानसिंह ने कुछ घटनाओं को छोड़कर इसी मत
का अनुमोदन किया है ।
दरबार कमिटी घुमान द्वारा प्रकाशित बाबा भगतराम चरित 'श्री स्वामी नाम-
देव ' शीर्षक जीवनी में बाबा भगतराय ने सं० १३७० ई० को नामदेव का जन्मकाल
माना है ।
पं० बलदेव प्रसाद ने 'संत बानी संग्रह' में नाभादास के 'भक्तमाल' के आधार
पर नामदेव का जन्मकाल ई० स० १४२३ अर्थात् शके १३४५ के आस पास निश्चित
किया है ।
पं० वंशीधर शास्त्री ने बाबा पूरनदास-चरित 'जनम साखी' में गृहीत नामदेव
का जन्मकाल शक संवत् १४२० (शके १२८५) स० १३६३ ई० को ही प्रामाणिक
माना है ।
पंजाबी परंपरा द्वारा अनुमोदित नामदेव के काल का कोई आधार प्रस्तुत नहीं
किया गया है ।
महाराष्ट्रीय विद्वानों के मत :
सुप्रसिद्ध दार्शनिक डॉ० रा० द० रानडे लिखते हैं कि नामदेव ही के एक अभंग
के अनुसार उनका जन्म शके ११६२ में हुआ :—
"From an Abhang written by Namdeva himself, it seems thaI
Namdeva was born in 1270 A. D. (Sake 1192), that is a few years
before Dnanadeva. Namdeva tells us that a certain Brahmin Baba-
ji by name had cast his horoscope, toretelling that Namdeva would
compose a hundred crores of Abhangs '’¹
संत साहित्य के मर्मज्ञ डॉ० शं० गो० तुलपुले बिना किसी तर्क के शके ११६२
ही को नामदेव का जन्मकाल मानते हैं—'संप्रति नीचे उद्धृत किये गये अभंग को
आधार मानकर स्वर्गीय भिंगारकर ने नामदेव का जो काल निश्चित किया है, वह
समीचीन प्रतीत होता है ।'²
१. Mysticism in Maharashtra p. 185.
२. पाँच संत कवि,—पृ० १३७ ।