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सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra

सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished332 पृष्ठ

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उपसंहार ३२६
ही नामदेव की प्रामाणिक जन्मतिथि ठहरती है । नामदेव के जन्मस्थान के विषय में
भी अभी तक कोई एक धारणा नहीं बनाई जा सकी है । अधिकांश विद्वानों का रुझान
मराठवाड़ा के परभणी जिले की नरसी को नामदेव का जन्मस्थान मानने के पक्ष में
है । नामदेव के अयोनिज होने तथा उनके डाकू होने की बात का भी निराकरण किया
गया है । नाथपंथी संत विसोबा खेचर से उपदेश ग्रहण करने पर उनमें जो महान्
परिवर्तन हुआ उस पर भी प्रकाश डाला गया है । सगुणोपासक नामदेव अब निर्गुणो-
पासक हो गये ।
नामदेव के समाधि स्थान के बारे में भी विद्वान् सहमत नही है । उनकी दो
समाधियाँ बताई जाती है । एक पंढरपुर के विठ्ठल मंदिर के महाद्वार पर तथा दूसरी
घोमान में । ऐतिहासिक प्रमाणों के अभाव में डॉ० भगीरथ मिश्र का यह निष्कर्ष समी-
चीन जान पड़ता है कि उन्होंने घोमान में ही समाधि ली । नामदेव ने प्रचुर मात्रा में
मराठी में अभंगों की रचना की । उनके अभंगों की जो चार गाथाएँ मिलती है उनमें
ढाई हजार के लगभग अभंग मिलते हैं उनमेंसे छः सात