सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
पृष्ठ 284, कुल 332 में से
संदर्भ में पढ़ेंसप्तम अध्याय
नामदेव का तत्कालीन और परवर्ती साहित्य पर प्रभाव
नामदेव की पंजाब यात्रा का रहस्य
पंजाब की तत्कालीन परिस्थिति
नामदेव की महत्ता और उनकी रचनाओं का प्रसार
मध्ययुगीन नव जागरण के प्रणेता नामदेव
नामदेव का व्यक्तित्व
नामदेव की रचनाओं का प्रसार
हिंदी काव्य रचना का प्रयोजन
सिद्ध संप्रदाय और नाथ पंथ
सिद्धो तथा नाथों का नामदेव पर प्रभाव
नामदेव का समकालीन साहित्य पर प्रभाव
नामदेव का परवर्ती साहित्य पर प्रभाव
(१) ईश्वर की सर्वव्यापकता
(२) प्रत्यक्ष अनुभव से सत्यान्वेषण
(३) सद्गुरु-महत्त्व प्रतिपादन
(४) सुमिरन—नामस्मरण का महत्त्व
(५) बाह्याचारों की व्यर्थता
(६) अनन्य प्रेम भावना
(७) कर्म और अध्यात्म भावना का समन्वय
(८) भेदभाव विहीनता
(९) ब्रह्म की निर्गुणता
(१०) करनी तथा कथनी में एकता
(११) भक्त की भगवान के प्रति मिलन उत्कंठा