सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
पृष्ठ 275, कुल 332 में से
संदर्भ में पढ़ेंनामदेव . हिन्दी निर्गुण काव्यधारा के प्रारम्भकर्ता २८१
प्रचलित है कि संत ज्ञानेश्वर के पिता के गुरु रामानन्द थे । किन्तु श्री भावे १ के अनुसार
उनके गुरु श्रीपाद स्वामी थे । रामानन्द का काल आज भी निश्चित नहीं है । पर इतना
अवश्य निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि ये संत नामदेव के गुरु नहीं हो सकते ।
नामदेव के गुरु विसोबा खेचर थे जो नाथ परंपरा के एक सिद्ध योगी थे ।
कबीर की रचनाओं में नामदेव का नाम आया है ।२ परन्तु नामदेव की रचना
में कबीर का नाम कहीं भी नहीं आया है । अतः यह निर्विवाद सिद्ध हो जाता है कि
नामदेव कबीर के पूर्ववर्ती है । एक ओर ध्यान देने योग्य बात यह है कि नामदेव और
कबीर के परवर्ती संतों ने बड़ी ही श्रद्धा से इन दोनों का नाम लिया है पर प्रायः नाम-
देव का नाम कबीर के पहले मिलता है ।
इसका तात्पर्य यह नहीं है कि कबीर का नाम नामदेव के पूर्व कही आया ही
नहीं है । छंद रचना में जहाँ जो शब्द बैठ गया वहाँ रख दिया गया है । फिर भी नामों
का क्रम देखकर लगता है कि ये रचयिता संत नाम-क्रम के प्रति सचेत अवश्य थे ।
१. महाराष्ट्र सारस्