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सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra

सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा

DevanagariHindipublished332 पृष्ठ

पृष्ठ 190, कुल 332 में से

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पृष्ठ 190

पंचम अध्याय
नामदेव की रचनाओं का साहित्यिक मूल्यांकन
भारतीय एवं पाश्चात्य विद्वानो के काव्य के प्रयोजन
संतों का का आदर्श
काव्य के मूल्यांकन के दो प्रकार
नामदेव की कविता का सामाजिक पक्ष
काव्य निर्मिति के प्रमुख कारण
(१) प्रतिभा (२) व्युत्पन्नता (३) परिश्रम (४) भावात्मकता
नामदेव की कविता का भाव पक्ष
आत्मनिवेदन-परक काव्य, संत काव्य और भक्ति
संत नामदेव की अभंग रचना
आसंतः नामदेव के काव्य का प्रेरणा स्रोत
साक्षात्कार की अनुभूति
नामदेव की कविता में रस
वात्सल्य, शांत और करुण
नामदेव की कविता का कला पक्ष
गीति काव्य
नामदेव का अलंकार विधान, बिंब विधान
नामदेव की छंदो रचना
शैली, नामदेव का असाधारण कर्तृत्व
नामदेव की हिंदी पदावली की भाषा की कुछ विशेषताएं
वाक्य रचना, शब्द-क्रम, बल (emphasis)
नामदेव की हिंदी के कुछ विशिष्ट प्रयोग
विशिष्ट व्याकरणिक रूपों का प्रयोग
संयुक्त क्रियाओं का प्रयोग
नामदेव की हिंदी पर अन्य भाषाओं का प्रभाव
रूप रचना, सर्वनामो का प्रयोग
परसर्गों का प्रयोग, ध्वनि ।