सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)

सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
DevanagariHindipublished332 पृष्ठ
पृष्ठ 187, कुल 332 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 187
line 7: स्वयंभू देव को पहचानते नही।'
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स्वभू- it is writtenस्वभू(orस्यभू? The loop ofवis clear, attached toस:स्वभू).
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—सं० ना० हि० प०, पद १ । - L23:
—सं० ना० हि० प०, पद २ । - L25:
—सं० ना० हि० प०, पद २० । - L28:
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—सं० ना० हि० प०, पद १८ । - Wait, look at
पद १८:प०, प द १८ ।(there is a space betweenपandद, looks likeप द १८ ।orपद १८ ।).
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मार्ग का खंडन आदि। एक प्रकार से यह प्राचीन अद्वैतवाद का संशोधन है। इसकी कुछ - Line 2:
विशेषताएं ये हैं— - Line 3: `(१) आत्मा को पहचानो और उसका प्रत
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