सन्त नामदेव जी की हिन्दी कविता (डॉ. भगीरथ मिश्र - सन्त नामदेव के सम्पूर्ण हिन्दी पद सटीक)
Sant Namdev Ji Ki Hindi Kavita by Dr. Bhagirath Mishra
सन्त नामदेव (सम्पादक: डॉ. भगीरथ मिश्र) द्वारा
पृष्ठ 144, कुल 332 में से
संदर्भ में पढ़ें!
Line 30:
"सटबयो आछे सांगीला। ताद्यै मोक्ष न मुक्ती ॥ ४ ॥"
Wait, let's look at each word in line 30:
Word 1: 'सटबयो' or 'सटवयो'? स + ट + ब/व + य + ो. It looks like 'सटबयो' or 'सटवयो'.
Word 2: 'आछे' (आ + छ + े).
Word 3: 'सांगीला' (स + ा + ं + ग + ी + ल + ा) or 'सांगिला'? There is a matra 'ी' on 'ग': 'सांगीला'।
Word 4: 'ताद्यै' or 'ताथै' or 'ताद्यै'?
Look at the prose: "उसको मोक्ष अथवा मुक्ति नहीं।"
"ताथै" or "ताद्यै"?
Look at line 32: "ताथै जनमि जनमि भटकाये".
In line 30, the word is: त + ा + ध + ् + य + ै ? Or त + ा + थ + ै ?
Wait, look at line 30, fourth word:
It has: त, ा, then a letter with a tail/loop like 'द्य' or 'थ'? In line 32, "ताथै": त, ा, थ, ै.
In line 30, it