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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

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८ असली कोकशास्त्र
भाव होता है वहाँ प्रेमाभाव का कारण भी दिखायी नहीं देता ।
कोका पण्डित का उत्तर सुनकर महाराज बहुत प्रसन्न हुए ।
उन्होंने उसी समय दर्वारियों को सम्बोधन कर कहा,—मैं प्रधान
मन्त्री दीनानाथ जी के पद का उत्तराधिकारी कोका पण्डित को ही
नियुक्त करता हूँ । आपलोगों की क्या राय है ?
दर्वारियों ने एक स्वर से उनका समर्थन किया ।
[ ३ ]
कोका पण्डित देश-देशान्तरों में घूमने के लिये चले गये । कई वर्ष
के बाद जब वे लौटे तब उन्हें राज्य-सिंहासन पर शम्भुसिंह राज्य
करते दिखायी दिये । महाराज का आज्ञापत्र उनके नाम लिखा हुआ
था कि जब वे लौटकर आवें तब उन्हें प्रधान मन्त्री का पद देकर
प्रधान मन्त्री पं० दीनानाथ जी स्वतन्त्र हो सकते हैं ।
राज-काज करते हुए कोका पण्डित और महाराज शम्भुसिंह में
बड़ा प्रेमभाव उत्पन्न हो गया । वे प्रायः जहाँ घूमने-फिरने जाते थे
साथ ही साथ जाते थे ।
एक दिन राजदर्वार ठसाठस भरा हुआ था । दर्बारीगण यथा