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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 384, कुल 440 में से

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३७४ असली कोकशास्त्र
देकर बन्द कर देना उचित है। यदि प्यास न बन्द हो तो एक
फूल कच्ची और आधा फूल भुनी हुई लौंग को घिसकर दे देना
उचित है, पर यह मात्रा बड़ी अवस्था वालों की है, बालकों को
कम मात्रा में देनी चाहिए।
२—अफीम, हींग, कपूर और कालीमिर्च पीसकर डेढ़-डेढ़
रत्ती की गोली बनाकर घण्टे-घण्टे पर एक गोली बालक को दे।
कपूर का अर्क पिलाना भी बहुत ही लाभदायक है।
४—कपूर को सुँघाया करे और माता स्वयं भी सूँघा करे।
यदि वह थोड़ा-थोड़ा कपूर खा लिया करे तो और भी अच्छा हो।
बालक के पास रहने में माता को अपने शरीर पर भी पूरी दृष्टि
रखनी चाहिए।
—०—
फूली
यदि आँख में फूली पड़ जाय तो चिरचिटे की जड़ का रस
शुद्ध शहद में मिलाकर आँखों में अंजन लगावे। इससे फूली कट-
कर आँखें निरोग हो जाती हैं।
—०—