रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३७२ असली कोकशास्त्र
चिलहक
अगर पेशाब करते समय बालक रोने लगे और इन्द्रिय को
पकड़-पकड़ कर नोचे तो जान लेना चाहिए कि पेशाब करने में
चिलहक पैदा हो रही है। इसके लिए थोड़े से बबूल के गोंद को
कपड़े में बाँधकर पानी में भिगो दे। बाद उस पानी में मिश्री मिला-
कर दिनभर में पाँच-छः बार पिलावे। अथवा धनियाँ को पानी में
भिगोकर रातभर रहने दे और सबेरे छानकर मिश्री मिला मिट्टी के
नये बर्त्तन में रख दे और थोड़ा-थोड़ा करके पिलावे । यह इन्द्रिय
जुलाब है। इससे गर्मी शान्त हो जाती है और पेशाब के समय
होने वाला चिलहक फौरन ही शान्त हो जाता है। या पत्थर की
बेर (यह यहूद देश का पत्थर है और इसे 'हजरुल यहूद' कहा
जाता है—पंसारियों के यहाँ मिलती है) को पानी में घिसकर
पिलाने से भी चिलहक दूर हो जाती है।
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नाक से रुधिर बहना
शंखपुष्पी (कौड़ेनी) को मिर्च के साथ पीसकर सेवन करने
से विनाश का फूटना बन्द हो जाता। बच्चों को बहुत थोड़ी मात्रा
में यह चीज देनी चाहिए; क्योंकि यह बहुत ही तर चीज है।
अनार के फूल का रस और सफेद दूब का रस इन दोनों से