रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
DevanagariHindipublished440 पृष्ठ
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असली कोकशास्त्र ३७१
पसली
यदि बालक की पसली चलती हो तो तुलसीदल के चार रत्ती
रस में एक माशा शहद मिलाकर देना चाहिए और नीचे लिखे
तेल को पेट पर मलकर सेंक देना चाहिए ।
तेल बनाने की रीति
अदरख और लहसुन के दो-दो तोले रस में आधी छटाँक
मीठा तेल मिलाकर मधुर आँच से पकावे । जब जलकर केवल तेल
रह जाय, तब उसे एक शीशी में भरकर रख दे । जिस बालक को
बहुधा पसली का रोग हो जाता हो उसके पेट पर ऊपर की रीति
से मालिश किया करे ।
पेट बढ़ना
यदि बालक का पेट बढ़ आवे तो शहद का शर्बत थोड़ा-थोड़ा
करके पिलाना चाहिए । कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से पेट
पचकर ठीक हो जाता है ।