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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 375, कुल 440 में से

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पृष्ठ 375

असली कोकशास्त्र ३६५
मुख में छाले
शीतल चीनी और सफेद कत्था पीसकर शहद के साथ
चटाने से मुख के छाले अच्छे हो जाते हैं।
केले पर पड़ी हुई ओस चाटने से भी मुँह में पड़े हुए छाले
बहुत जल्द अच्छे हो जाते हैं।
कपूर और शीतल चीनी पीसकर मुख के भीतरी भाग में
लगाना भी बड़ा लाभदायक है।
यदि बालक के मुख में सफेद छाले पड़ गये हों और मुख का
रंग लाल हो गया हो तथा लार अधिक गिरता हो तो बालक के
मुख में पड़े हुए छालों के ऊपर छोटी इलायची के बीज, सफेद
कत्था और वंशलोचन पीसकर बुरक देना चाहिए। अथवा दो
रत्ती सुहागा और सात रत्ती गेहूँ का सत पीसकर मुख में मल दें।
—*—
चेचक
यदि बालक को आजन्म के लिए इस रोग से बचाना हो तो
माता पिता का कर्त्तव्य है कि रजोदर्शन से सोलहवें दिन गर्भाधान
करें। सोलहवें रात में गर्भाशय होने से जो बालक उत्पन्न होता है
उसे प्रायः चेचक की बीमारी नहीं होती। कारण यह कि उस दिन
का रज बिलकुल शुद्ध होता है और शीतला रोग माता के रज