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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 361, कुल 440 में से

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असली कोकशास्त्र ३५१
आम की गुठली, धान की खील और सेंधा नमक पीसकर शहद में
चाटना भी लाभदायक है । आम वा कटेरी के फूल का रस, पीपल,
पीपलामूल, चित्रक और सोंठ पीसकर घी और शहद के साथ
सेवन करना चाहिए ।
यदि बालक दूध न पीता हो तो पहले यह जानना चाहिए कि
इसे किसी प्रकार की पीड़ा तो नहीं हो रही है । कारण जानकर
फिर उसका इलाज करना चाहिए ।
—०—
आँख दुखना
जब बच्चे की आँखें दुखने लगें तब तीन दिन तक कोई दवा
नहीं करनी चाहिए । कारण यह कि दवा करने से उसका वेग रुक
जाता है इससे पीछे बच्चे को अधिक कष्ट भोगना पड़ता है । आँख
दुखने के बहुत से कारण हैं। गर्मी से, दाँत निकलते समय, माता
की आँखें दुखने से बालक की आँखों में दर्द होता है । इसके लिए
नीचे दवाएँ लिखी जाती हैं: —
२—बच्चे के कान में कड़वा तेल डाल दे और तलवे में भी
कड़वा तेल मल दे ।
२—रसोत का पानी आँखों में टपका देना चाहिए