रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३५० असली कोकशास्त्र
मूत्र रुकना
पीपल, कालीमिर्च, इलायची छोटी, और सेंधा नमक—इनका
चूर्ण शहद में मिलाकर चटाने से बालकों का रुका हुआ मूत्र
खुल जाता है ।
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बहुत रोने पर
पीपल और त्रिफला के चूर्ण को घी और मधु में मिलाकर
चटाने से बालक का रुदन बन्द हो जाता है ।
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दूध फटकना
अपने पेट के विकार से अथवा माता के दूध में दोष होने से
बालक दूध पीकर फटक देता है। चक्की पीसकर या रोटी बनाकर
अथवा और कोई परिश्रम का धन्धा करके तुरन्त-स्तन पान कराना
बड़ा ही हानिकारक है। माता को उचित है कि वह अपने शरीर
को अच्छी तरह से शान्त करने के बाद बच्चे को स्तन-पान करावे ।
यदि माता को अजीर्ण रहता हो तो उसे शीघ्र पचने वाला हल्का
भोजन करना चाहिए और किसी अच्छे पाचक चूर्ण का भी सेवन
करना चाहिए—ताकि जठराग्नि ठीक हो जाय। काकड़ासिंगी,
अतीस, मोथा और पीपल पीसकर शहद में चाटना उत्तम है ।