रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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क्योंकि इससे भी बालक को हानि पहुँचती है ।
४—यदि आँखें दाँत निकलने के कारण दुखती हों तो शान्ति
से काम लेना उचित है । ऐसे समय में उठने वाली आँख जरा
देर में अच्छी होती है । इस लिए घबड़ा कर अंट-संट दवा करना
उचित नहीं है ।
५—आँवले और लोध को गाय के घी में भून डाले, फिर
पानी में पीस कर लगावे ।
६—पोस्ते का फल (ढोंढ़) लेकर उसका दाना निकाल डाले ।
बाद छिलके को गुड़ के गरम पानी में भिगोकर सहता हुआ आँखों
पर बांध दे या बार-बार उससे आँखें तर करके योंही छोड़ दे ।
७—अमचूर को लोहे पर पीसकर आँख पर लेप कर दे ।
इससे भी आंख की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
८—बकरी के दूध का फाहा लगाना भी लाभदायक है ।
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खाँसी
यह कई तरह की होती है । सूखी खाँसी, जुकाम की खाँसी,
कुकुर खाँसी आदि । इसके लिए नीचे की दवाएँ काम में लानी
चाहिए:—
१—छोटी पीपल, पीपलामूल और सोंठ को पीस-कपड़छान
कर शहद में मिलाकर बालक को चटाने से कास-श्वास रोग बहुत