रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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और हल्का कर डालना चाहिये। यहाँ पर पेट शुद्धी के लिए कुछ
ऐसी ओषधियों का लिखना आवश्यक प्रतीत होता है, जिनका
सेवन करके गर्भावस्था में भी पेट को साफ किया जा सके। क्योंकि
यह समय इतना नाजुक होता है कि जल्द कोई वैद्य जुलाब देने का
साहस नहीं करता और बिना जुलाब के पेट की शिकायतें रफा
नहीं होतीं।
१—रेंडी का तेल दूध में मिलाकर पीना चाहिए ।
२—दो तोले दाख, एक तोला गुलाब के फूल, दो अंजीर
इनको पीसकर चटनी बना ले ओर तीसरे-चौथे दिन सुपारी भर
खा लिया करे। यदि आवश्यकता समझे तो सोते समय थोड़ा सा
अधिक खाले।
३—रोटी के साथ शहद या खाँड़ खाने से भी पेट की शिकायत
दूर होती है। क्योंकि खांड़ भी दस्तावर चीज है।
४—पके अंगूर ओर भुने हुए सेब से भी कब्ज दूर होता है ।
५—सुपारी, बड़ी हड़ का छिलका, बबूल की कोंपल, इन सब
को एक-एक तोला लेकर तीन पाव पानी में ओटावे। जब छटाँकभर
पानी रह जाय तब उतार ले जितने दस्त लेना चाहे, उतनी ही
बार कपड़े से इस काढ़े को छानकर पी ले । जितनी बार छाना
जायगा, उतने ही दस्त आवेंगे यह निश्चय है। यह जुलाब सबसे
अच्छा है।
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