रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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३३० असली कोकशास्त्र
पर चित्त सो जाना चाहिए और सिर के नीचे तकिया न रखना
चाहिए । उसे अपने कपड़ों को भी ढीला कर देना उचित है । मुख
पर ठण्डे पानी के छींटे लगाने से विशेष लाभ होता है ।
एक रोग गर्भिणी को और होता है । यह प्रायः छठे महीने
से लेकर बालक उत्पन्न होने तक होता है । इसमें गर्भिणी की नसें
बनने लगती हैं । इस लिए जब नसों में तनाव मालूम हो, तब
उसे कपड़े से कसकर बाँध देना चाहिए और अफीम के रस से
सेंक कर फिर नमक की पोटली से या बोतल में गरम पानी भर कर
सेंकना उचित है ।